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Bihar News : “शिकारी यहां खुद शिकार बन जाता है”, बिहार के युवक ने ठग से ही ऐंठ लिए रुपये, हुई भारी फजीहत

Bihar News : जमुई के सदर प्रखंड के बरुअट्टा गाँव के दीपक कुमार नाम के युवक ने अपनी चतुराई से ठग को ही मात दे दी और उससे 1,550 रुपये मंगवा लिए। यह कहानी न सिर्फ मजेदार है, बल्कि साइबर अपराधियों से सावधान रहने का हमें सबक भी देती है। 

ठग की धमकी 

हुआ यूँ कि दीपक कुमार को एक दिन व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कोई बड़ा अधिकारी बताते हुए दीपक को डराना शुरू किया। उसने कहा कि दीपक एक लड़की से बात करता था, जिसने आत्महत्या कर ली है और अब पुलिस उसकी तलाश में है। ठग ने दावा किया कि इस मामले में दीपक की गिरफ्तारी तय है, लेकिन अगर वह 12,700 रुपये दे दे, तो उसे बचा लिया जाएगा। बात को पक्का करने के लिए ठग ने कुछ फर्जी एफआईआर की तस्वीरें भी भेजीं। 

ठग अपनी ही चाल में ऐसे फँसा

दीपक ने घबराने की बजाय ठग को उसी के जाल में फँसाने का प्लान बनाया। उसने ठग से कहा कि वह अभी झारखंड में है और सैलरी न मिलने की वजह से पैसे का इंतजाम नहीं कर पा रहा। उसने दुखड़ा सुनाया कि कर्ज लेना उसका आखिरी रास्ता है। ठग उसकी बातों में आ गया और मदद के बहाने 500 रुपये भेज दिए। दीपक यहीं नहीं रुका। थोड़ी देर बाद उसने फिर कॉल किया और कहा कि कैश निकालने में दिक्कत हो रही है। ठग ने 50 रुपये और भेज दिए। अब तक दीपक उससे 550 रुपये ऐंठ चुका था।

1,000 रुपये और भेजो अधिकारी महोदय 

दीपक ने ठग को पूरी तरह अपने जाल में फँसा लिया था। करीब एक घंटे बाद उसने फिर कॉल किया और कहा कि जिस दोस्त से वह कर्ज लेने गया था, उसने पुराना बकाया चुकाने की शर्त रख दी है। ठग ने बिना सोचे-समझे 1,000 रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह दीपक ने कुल 1,550 रुपये ठग से मंगवा लिए। ठग को शायद आखिरी वक्त तक अहसास नहीं हुआ कि उसका शिकार उल्टा उसे ही शिकार बना रहा है। यह घटना साबित करती है कि साइबर अपराधी कितने भी शातिर हों, समझदारी से उन्हें आसानी से हराया जा सकता है।

बताते चलें कि आजकल साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को डराकर, लालच देकर या झूठे वादे करके ठगते हैं। साइबर अपराधी अक्सर फर्जी कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए लोगों को फँसाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो, तो घबराएँ नहीं। तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, उतनी जल्दी कार्रवाई हो सकेगी।