Indian in foreign jail: विदेश मंत्रालय ने संसदीय पैनल को जानकारी दी है कि फिलहाल 86 अलग-अलग देशों की जेलों में कुल 10,152 भारतीय बंद हैं। UAE और सऊदी अरब में 2,000 से ज्यादा भारतीय जेल में बंद हैं। इसके अलावा नेपाल में 1,317, मलेशिया में 338 और चीन की जेलों में 173 भारतीय कैदी हैं। कुवैत, कतर और बहरीन जैसे अन्य देशों में भी बड़ी संख्या में भारतीय कैद हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार के कई देशों के साथ समझौते हैं, जिनके तहत कैदियों को वापस लाया जा सकता है, लेकिन पिछले तीन वर्षों में केवल आठ कैदियों को ही भारत लाया जा सका है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कैदियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसके लिए कैदी, जिस देश में वह बंद है उसकी सरकार और भारत सरकार की सहमति जरूरी होती है। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की तैयारी, राज्य सरकार की अनुमति और भारतीय जेल में रहने की व्यवस्था करना शामिल होता है।
भारतीय दूतावास विदेशों में कैद भारतीयों को कानूनी सहायता प्रदान करते हैं और जरूरत पड़ने पर स्थानीय वकीलों की मदद भी ली जाती है। इन सेवाओं के लिए किसी भी भारतीय कैदी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि, विचाराधीन कैदियों की संख्या अधिक होने और कानूनी प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनकी जल्द वापसी संभव नहीं हो पाती। सरकार इस मुद्दे पर संबंधित देशों के अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रही है ताकि अधिक से अधिक भारतीयों की जल्द से जल्द रिहाई हो सके।